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Showing posts from July, 2018

पंचतंत्र की कहानी - चींटी और घमंडी हाथी

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बहुत पुरानी बात है, किसी जंगल में एक हाथी रहता था| वह काफी मस्त मिजाज का था लेकिन साथ ही साथ उसे अपनी ताकत का भी घमंड था| वो किसी को भी अपने आगे कुछ नहीं समझता था| एक दिन की बात है हाथी जंगल से गुजर रहा था कि तभी उसे एक कौआ नजर आता है| वो कौआ काँव काँव किये जा रहा था , जो हाथी को पसंद नहीं आ रहा था |इस पर हाथी कौआ को बहुत बुरा-भला कहता है और उसकी आवाज को बेसुरी कहकर बेइजत्ती करता है | कौआ उस हाथी की बात को अनसुना कर देता है और काँव-काँव करता रहता है लेकिन हाथी अपने घमंड में किसी की भी नहीं सुनता और ना ही किसी की बात समझ में आती| वो उस कौआ से इतना परेशान हो जाता है कि उसको मारने के लिए उस पेड़ को ही अपनी सूंड से पकड़कर गिरा देता है| पेड़ को गिराने के बाद भी उसके घमंड में कोई कमी नहीं आती है और वो अपनी इस हरकत पर पश्चाताप करने की बजाए और बिना उस कौवे को देखे आगे बढ़ जाता है|

आगे चलने पर उसे जंगल में एक छोटी सी चींटी नजर आती है| हाथी उसका भी मजाक उड़ाता है और कहता है की वह इतनी छोटी सी है कि उसे कोई भी कुचल सकता है | उसे तो हर जगह ही बचकर चलना चाहिए नहीं तो अगर किसी के पैर के नीचे आ गई तो उसकी…

पंचतंत्र की कहानी - जादुई गाय

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बहुत समय पहले एक छोटे से गांव में, लल्लन और हरी नाम के दो किसान रहते थे। लल्लन और हरि बहुत समृद्ध किसान थे। उनके पास एक बड़ा खेत और कई गाय थीं। लेकिन वे इससे खुश नहीं थे। वह और अमीर होना चाहते थे। उनके पड़ोस में गोपाल नाम का एक और किसान रहता था। गोपाल एक गरीब किसान था। उसके पास केवल एक गाय और एक छोटा सा खेत था। लेकिन, वह खुश था। सोने से पहले हर रात वह भगवान को धन्यवाद देता था| उसकी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था |

लेकिन यह सब देखकर हरी और लल्लन बहुत जलते थे | वह आपस में यही बात करते रहते थे वह हमेशा ख़ुश कैसे रहता है | जबकि उसके पास तो एक खेत और एक ही गाय है| वे दोनों सोचते हैं की यदि वे उसकी गाय खरीद लें तो उसके पास खुश रहने के लिए कुछ नहीं बचेगा | यह सोचकर एक दिन लल्लन और हरि गाय खरीदने के लिए गोपाल के घर गए| और कहा की वे  उसे उसकी गाय के बदले 20 चाँदी के सिक्के दे सकते हैं |लेकिन गोपाल अपनी प्रिय गाय को नहीं बेचना चाहता था | इसलिए उसने स्पष्ट रूप से मना कर दिया और उनको, उसके घर से चले जाने को कहा | यह सुनकर हरी और लल्लन ने खुद को बहुत अपमानित महसूस किया| और गोपाल से बदला लेने की ठान…

पंचतंत्र की कहानी - पूँछ वाला भूत

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बहुत समय की बात है, किसी जंगल में एक टिनटिन नाम का शेर रहता था| टिनटिन उस जंगल का राजा था | टिनटिन की गुफा के बाहर एक बहुत बड़ा पेड़ था| रात को तेज हवा उस पेड़ से टकराकर बहुत खतरनाक आवाजें किया करती थी | इन आवाजों से टिनटिन बहुत परेशान रहता था। कभी-कभी तो इस वजह से वो सारी-सारी रात सो भी नहीं पाता था।
टिनटिन रोज-रोज की आवाजों से बहुत तंग आ चूका था | उसने सोचा की क्यों न इस पेड़ को कटवाकर ये रोज-रोज का किस्सा ही खत्म कर दे | ऐसा सोचकर उसने डमडम हाथी को बुलाया और उसे सारी बात बताई । पूरी बात सुनकर डमडम हाथी ने कहा की वह अभी एक टक्कर से इस पेड़ को गिरा देगा | ऐसा कहकर डमडम हाथी बहुत दूर से दौड़ता हुआ आया और पेड़ से टकरा गया । डमडम की टक्कर से पेड़ उखड़कर ज़मीन पर गिर गया। पेड़ को उखड़ते देख टिनटिन शेर ने चैन की सांस ली।

टिनटिन शेर ने डमडम हाथी का धन्यवाद किया ही था की, तभी अचानक पेड़ खड़ा होकर वापिस अपनी जगह पर गड़ गया । ये देख टिनटिन और डमडम बहुत हैरान हुए । टिनटिन, डमडम से कुछ कहता इससे पहले ही डमडम बोल पड़ा की वह चिंता ना करे | वह दुबारा इस पेड़ को गिरा देगा | ऐसा कहकर डमडम हाथी ने टक्कर मारकर फिर से पे…

पंचतंत्र की कहानी - ईमानदारी का इनाम

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बहुत समय पहले की बात है किसी गाँव में एक बाबू लाल नाम का पेंटर रहता था| वह बहुत ईमानदार था किन्तु बहुत गरीब होने के कारन वह घर-घर जाकर पेंट का काम किया करता था | उसकी आमदनी बहुत कम थी | बहुत मुश्किल से उसका घर चलता था | पूरा दिन मेहनत करने के बाद भी वह सिर्फ दो वक़्त की रोटी ही जुटा पाता था | वह हमेशा चाहता था की उसे कोई बड़ा काम मिले जिससे उसकी आमदनी अच्छी हो पर वह छोटे-मोटे काम भी बड़ी लगन और ईमानदारी से करता था |
एक दिन उसे गाँव के जमींदार ने बुलाया और कहा की उसको, उसने बहुत जरूरी काम के लिए बुलाया है, क्या वह उसका काम करेगा? बाबू लाल ने हाँ में सिर हिलाते हुए जमींदार से कहा की बताइये जमींदार साहब क्या काम करना है? जमींदार ने बाबू लाल को अपनी नाव को रंगने के लिए कहा और ये भी कहा की यह आज ही हो जाना चाहिए | बाबू लाल को पता था की वह यह काम एक दिन में कर सकता है, इसलिए उसने इस काम को करने के लिए हाँ कह दी | यह काम पाकर बाबू लाल बहुत ही खुश था | इसके बाद जमींदार और बाबू लाल ने नाव को रंगने की कीमत तय कर दी जो की 1500 रूपए थी | फिर जमींदार उसे अपनी नाँव दिखाने नदी किनारे ले जाता है | बाबू …

पंचतंत्र की कहानी - भूत और हाथी

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किसी जंगल में एक पेड़ पर चंदु नाम का उल्लू रहता था। चंदु बहुत अच्छे दिल का था और हमेशा सबकी मदद करता था। एक दिन, जब वह शाम को सो कर उठा तो उसने देखा कि एक हाथी उसके पेड़ के नीचे आराम कर रहा है। वह देख उसने हाथी से पूछा की वह कौन है और उसने हाथी को जंगल में पहली बार देखा है|
चंदू की बात पर हाथी ने कहा की उसका नाम मलंग है और वह जंगल में किसी के कहने पर अच्छे फल खाने आया है। चंदू ने हाथी को जवाब दिया कि उसने ठीक सुना है और जंगल में काफी स्वादिष्ट फल हैं। फिर वह मलंग हाथी का जंगल में स्वागत करता है। 
दोनों की दोस्ती हो जाती है और  हाथी चंदू के पेड़ के नीचे ही रहने लगता है। जहाँ चंदु दिनभर सोता, वहीँ मलंग हाथी रात होने पर पेट-पूजा करके वापस आता था और वह जमकर बातें करते थे।


मलंग हाथी उसे बताया करता था की कैसे वह मीठे गन्ने खाने के बाद नदी में नहाता था। मलंग हाथी के किस्से सुनकर चंदु उल्लू का भी उसके साथ जाने का बहुत मन किया करता लेकिन उल्लू होने के कारण वह दिन में घर से बाहर नहीं निकल सकता था।
फिर एक रात, जब मलंग हाथी खाना खाकर लौट रहा था, तब उसने एक भूत और भूतनी को बातें करते देखा। उसने भूत को य…

बिच्छू के रूप में भगवान

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बहुत समय पहले एक बुजुर्ग दरिया के किनारे से जा रहा थे। तभी उन्होने देखा कि दरिया के अंदर से एक कछुआ आया और दरिया के किनारे पर आकर रुक गया। थोड़ी देर बाद उसी किनारे पर एक जहरीला बिच्छू भी आया और दोनों आपस में बात करने लगे। कछुए ने बिच्छू से पूछा, “दोस्त, क्या अब हम दरिया के उस पार चले?” इसपर बिच्छू ने खुशी से जवाब दिया, “हाँ दोस्त, चलो नदी के उस पार चलते हैं।“ ऐसा कहकर बिच्छू कछुए की पीठ पर चढ़ गया। और कछुए ने दरिया में तैरना शुरू कर दिया।


वो बुजुर्ग ये सब देख और सुन रहे थे। एक बिच्छू को कछुए की पीठ पर बैठा देख वो बहुत हैरान हुए और मन ही मन सोचने लगे, “ये बिच्छू कछुए की पीठ पर बैठकर कहाँ जा रहा है? मुझे भी इनके पीछे जाना चाहिए” ऐसा सोचकर वो दरिया में उतर गए और उनका पीछा करने लगे। नदी के दुसरे किनारे पहुँचकर कछुआ रुक गया और बिच्छू उसकी पीठ पर से छलांग लगाकर किनारे पर चढ़ गया।

“दोस्त तुम यहीं रुको मैं अभी आता हूँ!” ये कहकर बिच्छू जंगल की तरफ चल दिया। बुजुर्ग भी दरिया से बाहर आए और बिच्छू के पीछे चलने लगे।

आगे जाकर उन्होने देखा कि जिस तरफ बिच्छू जा रहा था उसी तरफ एक नौजवान व्यक्ति आँखें बंद…