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Showing posts from February, 2018

पंचतंत्र की कहानी - खरगोश और हाथी

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किसी जंगल में हाथियों का एक झुंड रहता था। झुंड के सरदार को गजराज कहते थे। वह विशालकाय, लम्बी सूंड और लम्बे- मोटे दांतों वाला था। खंभे के जैसे उसके मोटे-मोटे पैर थे। जब कभी भी वह चिंघाड़ता था तो सारा वन गूंज उठता था।
गजराज अपने झुंड के सभी हाथियों से बहुत प्यार करता था। वह खुद मुसीबत मोल ले लेता था लेकिन झुंड के किसी भी हाथी को कष्ट में नहीं पड़ने देता था। गजराज के लिए सभी हाथियों के मन में बहुत सम्मान था।

उसी जंगल में खरगोशों की एक बस्ती थी। उस बस्ती में बहुत सारे खरगोश रहते थे। सभी हाथी, खरगोशों की बस्ती से होकर झील में पानी पीने के लिए जाया करते थे। हाथी जब भी खरगोशों की बस्ती से निकलते थे, तो छोटे-छोटे खरगोश उनके पैरों के नीचे आ जाते थे। कुछ खरगोश मर जाते थे तो कुछ घायल हो जाते थे।
रोज-रोज खरगोशों को मरते और घायल होता देखकर बस्ती में हलचल मच गई। खरगोश सोचने लगे की अगर हाथियों के पैरों से वह हर रोज़ इसी तरह कुचले जाते रहे, तो वह दिन दूर नहीं होगा जब उनका पूरी तरह से खात्मा हो जाएगा।
अपनी रक्षा का उपाय सोचने के लिए खरगोशों ने एक सभा बुलाई। सभा में सारे खरगोश इक्कट्ठा हुए। खरगोशों के सरदार न…

पंचतंत्र की कहानी - शेर की जिज्ञासा

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किसी घने जंगल में एक शेर रहता था। शेर कई वर्षों से उस जंगल में रह रहा था। समय के साथ वह काफी बूढा हो गया था। अपने अंतिम दिनों में, शेर अपने बच्चे से कहता है -"बेटा, आज मैं तुम्हें कुछ सलाह दे रहा हूँ। तुम इसे हमेशा याद रखना। तुम शुरू से मेरी छत्र-छाया में रहे हो। तुम्हें मैंने कभी भी, किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी। लेकिन अब मेरे जाने के बाद तुम्हे अपना रख रखाव खुद करना है। तुम्हे विभिन्न प्रकार के जानवर मिलेंगे। याद रखना कि तुम उन सभी जीवों से ज्यादा ताकतवर हो। कभी भी किसी से मत डरना - सिवाय इंसान के।"

शेर का बच्चा अचम्भित होकर पूछता है, “इंसान?” तब शेर उसे समझाता है, "हाँ। इंसान। वह बहुत ही खतरनाक होता है। कोशिश करना की तुम्हारा कभी इंसान से सामना ना हो। मेरी बात सदैव याद रखना।" 
कुछ दिनों के बाद शेर की मृत्यु हो जाती है। शेर के बच्चे में इंसानों को लेकर एक अलग धारणा बन जाती है। वह इंसानों के प्रति भ्रमित रहता है और उसे एक बार देखने की इच्छा रखता है। अपनी जिज्ञासा के चलते शेर इंसान को ढूंढ़ने जंगल में निकल पड़ता है। 
जंगल में घुमते हुए शेर को बड़ी कद-काठी वाला एक ज…

पंचतंत्र की कहानी - मुर्गा और गधा

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बहुत समय पहले, किसी जंगल में मुर्गा और गधा साथ रहते थे। वह दोनों बहुत अच्छे मित्र थे। एक दिन, मुर्गा और गधा खाने की तलाश में जंगल में काफी दूर तक चले गये और उन्हें कुछ दूरी पर एक शेर दिखाई दिया। शेर को देख कर दोनों बहुत डर गए। इससे पहले की शेर की नज़र उन दोनों पर पड़ती, वे दोनों झाड़ियों में छुप गये।

शेर के डर के मारे, दोनों झाड़ियों में ही छुपे रहे और शेर के जाने का इंतेज़ार करने लगे। कुछ देर के बाद, उन्होंने  देखा की सामने मैदान में एक बकरी घास चर रही है। शेर भी बकरी को देखता है और दबे पाओं उसकी तरफ बढ़ना शुरू करता है। बकरी को मुसीबत में देख कर मुर्गा, गधे से कहता है, “हमें उस बकरी की सहायता करनी चाहिए।"
यह सुनकर गधा अचरज भरी नजरों से मुर्गे की तरफ देखकर बोलता है, "भला हम उस बकरी की सहायता कैसे कर सकते हैं? यह शेर बहुत खूंखार है और हमें मारकर खा जायेगा।”गधे की इस बात पर मुर्गा कहता है -"कुछ ना करने से अच्छा होगा की हम कोशिश तो करें।"
शेर जैसे ही बकरी को दबोचने वाला होता है, मुर्गा बहुत ज़ोर से बांग देता है। अचानक से मुर्गे की तीव्र आवाज़ सुन कर शेर डर जाता है और वहां से भाग…