Friday, 2 June 2017

पंचतंत्र की कहानी - खटमल और मच्छर

बहुत पुरानी बात है। एक राजा था। वह जब भी अपने शयन कक्ष में आराम करने आता, एक खटमल उसके बिस्तर के नीचे से निकल कर उसके पैर के तलवे पर डंक मारकर उसका खून चूसता। राजा का खून चूस कर वह खटमल काफी मोटा हो गया था|

एक दिन राजा के कमरे कि खिड़की खुली रह गई। वहां बाहर से एक मच्छर उड़ता हुआ अन्दर आ गया। खटमल ने मच्छर के भिनभिनाने कि आवाज सुनी तो वह अपने छिपने की जगह से बाहर आ गया। बाहर आकर उसने देखा की एक मच्छर बड़ी तेजी से उस शयन कक्ष में उड़ रहा है। खटमल ने मच्छर को देख कर पुछा कि तुम यहाँ किसकी इजाज़त से आये हो?

मच्छर खटमल की बात सुनकर जवाब देता है कि सामने की खुली खिड़की से वह अंदर आया है। उसका जवाब सुनकर खटमल कहता है की यह राजा का शयन कक्ष है, और यहाँ आने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। मच्छर कहता हैं कि वह एक नादान मच्छर है और कहीं भी बेरोक-टोक के आ जा सकता है| उसे कहीं भी आने-जाने के लिए किसी की भी अनुमति कि जरूरत नहीं होती। मच्छर से ऐसा जवाब सुनकर खटमल ठिठक जाता है और फिर अपने आप को सँभालते हुए बोलता है कि तुम कहीं भी आ जा सकते हो लेकिन ये राजा का शयन कक्ष है और तुम यहाँ मेरी अनुमति के बगैर नहीं रह सकते। यहाँ से दफा हो जाओ।


तुरंत मच्छर कहता है मैं क्यो नहीं रह सकता? इस शयन कक्ष पर क्या तुम्हारा ही राज है? तुमने तो राजा का खून पीकर अपनी अच्छी सेहत बना रखी है और मुझे देखो मैं कितना कमजोर हूँ। अगर तुम मेरी मदद नहीं करोगे तो कौन करेगा? आखिर भाई ही तो भाई के काम आता है।

 मच्छर से जवाब सुनकर खटमल कहता है की राजा का खून पीने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। वह कहता है की राजा का खून चूसने के लिए राजा का गहरी नींद में सोने का इंतजार करना पड़ता है और फिर उसके तलवों पे डंक मार कर उसका खून चूसना पड़ता है। खटमल की बात सुनकर मच्छर कहता है कि तुम बहुत पँहुचे हुए खिलाड़ी हो।

खटमल इतराते हुए कहता है कि इसमें कोई शक नहीं है और अगर एक बार राजा की नींद टूट जाए तो छुपकर फिर से उसका गहरी नींद में सोने का इंतजार करना पड़ता है। मच्छर ये सुनकर कहता है की अच्छा है तुमने मुझे खून पीने का तरीका बता दिया। तुम तो रोज ही राजा का खून पीते हो। आज मुझे पीने दो।

 खटमल और मच्छर दोनों छिपकर राजा के आने का इंतजार करने लगते हैं। तभी राजा आकर बिस्तर पर सो जाता है। खटमल के समझाने पर भी मच्छर भिनभिनाता हुआ राजा के हाथ पर जाकर बैठ जाता है और उसको डंक मारता है। राजा की आँख खुल जाती है और वह अपने सेवको को बुलाता है और उनसे कहता है कि सेवको, इस बिस्तर में अवश्य ही कोई कीड़ा है। तुम शीघ्र उसे ढूढ़ कर मार डालो।

राजा के सेवक बिस्तर को टटोलते हैं और उन्हें बिस्तर के अन्दर खटमल छिपा हुआ मिलता है। वह उसे गिराकर मार देते हैं। मच्छर उस खटमल को मरा देख चला जाता है। इस प्रकार मच्छर के झांसे में आकर खटमल अपनी जान गवा देता है।

सारांश: हमें कभी भी, किसी के झांसे में नहीं आना चाहिए।

समाप्त !!

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